चेक गणराज्य की संवैधानिक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीस के नेतृत्व वाली सरकार को राष्ट्रपति पेट्र पावेल को तुर्की में अगले महीने होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने की अनुमति देनी होगी। यह निर्णय राष्ट्रपति द्वारा सरकार के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका का जवाब है, जिसने उन्हें शिखर सम्मेलन में भाग लेने से रोक दिया था। सरकार ने पहले राष्ट्रपति को प्रतिनिधिमंडल से बाहर कर दिया था, लेकिन अदालत ने इस कदम को पलट दिया है। अदालत का फैसला राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिनिधित्व के अधिकार से संबंधित है। इस मामले ने चेक गणराज्य में राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया था। राष्ट्रपति पावेल अब शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्वतंत्र हैं। यह निर्णय चेक राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
