चेक संविधान न्यायालय ने चेक सरकार को राष्ट्रपति को नाटो शिखर सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने का आदेश दिया है। प्रधानमंत्री आंद्रेई बाबीश के नेतृत्व वाली सरकार और राष्ट्रपति पेट्र पावेल के बीच मतभेद चल रहे हैं। सरकार ने पहले राष्ट्रपति को शिखर सम्मेलन में भाग लेने से मना कर दिया था। न्यायालय के इस फैसले से राष्ट्रपति पावेल का शिखर सम्मेलन में भाग लेना संभव हो गया है। यह निर्णय राजनीतिक तनाव के बीच आया है, क्योंकि प्रधानमंत्री बाबीश और राष्ट्रपति पावेल के बीच लंबे समय से विवाद है। नाटो शिखर सम्मेलन अंकारा में आयोजित किया जाएगा। इस आदेश से चेक गणराज्य की अंतर्राष्ट्रीय छवि पर भी असर पड़ सकता है।
