चेक गणराज्य के संवैधानिक न्यायालय ने सरकार को नाटो शिखर वार्ता में राष्ट्रपति पावेल को शामिल करने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने सोमवार शाम को ही इस मामले में याचिका दायर की थी, जिसके बाद न्यायालय ने असामान्य रूप से त्वरित गति से निर्णय लिया। सरकार ने पहले राष्ट्रपति पावेल को शिखर वार्ता में शामिल न करने का फैसला किया था। राष्ट्रपति कार्यालय का तर्क है कि सरकार इस निर्णय से पावेल को उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से रोक रही है। अब न्यायालय ने सरकार को राष्ट्रपति को शिखर वार्ता के लिए मान्यता देने का आदेश दिया है। यह निर्णय राष्ट्रपति और सरकार के बीच चल रहे विवाद को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मामले ने चेक गणराज्य में राजनीतिक हलचलों को जन्म दिया था।