चेक गणराज्य की २२ वर्षीय लिंडा गोरेका ने बताया कि उनकी माँ और परिवार के सदस्यों के वियतनाम आकर उन्हें मिस वर्ल्ड के फाइनल में प्रोत्साहित करने से उन्हें अधिक आत्मविश्वास मिला है। यह फाइनल ५ सितंबर की शाम को आयोजित किया गया था। गोरेका ने अपनी माँ के समर्थन को अपनी प्रेरणा का स्रोत बताया। परिवार का साथ होने से उन्हें मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली। उन्होंने इस समर्थन के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। यह घटना दर्शाती है कि परिवार का भावनात्मक समर्थन किसी भी प्रतियोगी के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है, खासकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर। गोरेका अब मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।