निर्माण कानून को लेकर विवाद अब संवैधानिक न्यायालय तक पहुँच सकता है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से ओडीएस और टीओपी 09 के सीनेटरों ने, यदि कानून वर्तमान रूप में पारित होता है, तो न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी की है। यह कानून एएनओ, एसपीडी और मोटरिस्टों सेबे गठबंधन द्वारा प्रस्तावित किया गया है।राष्ट्रपति पेट्र पावेल ने स्थानीय विकास मंत्री ज़ुज़ाना म्राज़ोवा से इस विवादास्पद संशोधन पर आज राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कानून डेवलपर्स के हितों को प्राथमिकता देता है और नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस मुद्दे पर आगे की कार्यवाही संवैधानिक न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगी।

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