चेक गणराज्य के ब्रेक्लाव क्षेत्र में स्थित बुलहारे के डायजे नदी बांध पर जल विशेषज्ञ विशेष प्रयास कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य मछलियों की सामूहिक मृत्यु की पुनरावृत्ति को रोकना है। पिछले वर्ष इसी स्थान पर लगभग 30 टन मछलियाँ मर गई थीं, जिससे भारी नुकसान हुआ था। ब्रनो के मेंडल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने इस घटना की गहन जांच की थी। निष्कर्षों के अनुसार, पानी में साइनोबैक्टीरिया (नीले-हरे शैवाल) की अत्यधिक वृद्धि इस त्रासदी का मुख्य कारण थी। इस जैविक विकास के कारण पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप पानी की सतह पर जहरीला झाग बन गया, जिसने मछलियों के जीवन को खतरे में डाल दिया।