चेक सेना ने एक कंटेनर किचन की खरीद के लिए 2.6 मिलियन यूरो का भुगतान किया था। भुगतान के बाद संबंधित आपूर्ति कंपनी दिवालिया हो गई। अब इस सौदे से संबंधित न तो कोई उपकरण मिला है और न ही पैसों का कोई सुराग है। इस गंभीर वित्तीय नुकसान के बाद सेना ने संदिग्ध कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। न्याय विभाग अब इस पूरे मामले में धोखाधड़ी के एंगल से जांच कर रहा है। यह घटना सैन्य खरीद प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही और घोटाले की ओर इशारा करती है। प्रशासन अब लापता धन और उपकरणों की बरामदगी की कोशिश कर रहा है।