देश के शिक्षा संस्थानों को वैश्विक नौकरी बाज़ार की ज़रूरतों के अनुसार अपने पाठ्यक्रम में बदलाव करने के लिए कहा गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री डेविस चिरचिर ने स्कूलों और कॉलेजों से विदेशी भाषाएँ सिखाने जैसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम अपनाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे छात्रों को विदेशों में रोज़गार के अवसरों के लिए तैयार किया जा सकेगा। मंत्री ने संस्थानों से ऐसे पाठ्यक्रम और कौशल विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है जो अंतर्राष्ट्रीय श्रम बाज़ार की मांग के अनुरूप हों। इस कदम का उद्देश्य छात्रों की वैश्विक रोज़गार क्षमता को बढ़ाना है। यह बदलाव शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रासंगिक बनाने और युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने में मदद करेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल देश के युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी।
