दक्षिणी क्रोएशिया में पर्यटन के लिए बड़ी परियोजनाएँ शुरू हो रही हैं, जिनमें हज़ारों नए कमरे बनाए जाने की योजना है। सरकार का दावा है कि देश सतत पर्यटन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग दिखती है। इन परियोजनाओं से पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विकास टिकाऊ नहीं है और दीर्घकालिक नुकसान का कारण बन सकता है। क्रोएशिया में पर्यटन का भविष्य इन परियोजनाओं के सही प्रबंधन पर निर्भर करता है। यह देखना होगा कि क्या सरकार सतत विकास को प्राथमिकता देती है या सिर्फ़ अल्पकालिक लाभ पर ध्यान केंद्रित करती है।