यूरोप में लगातार बढ़ रही गर्मी की लहरों के कारण एयर कंडीशनिंग का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। क्रोएशिया उन देशों में से एक है जहाँ शीतलन की मांग यूरोपीय संघ के औसत से अधिक है। जुलाई 2026 तक, क्रोएशिया में एयर कंडीशनिंग से बिजली की खपत दोगुनी हो गई है। यह स्थिति पूरे यूरोप में देखी जा रही है, जहां गर्मी की लहरें अधिक लगातार और तीव्र हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति भविष्य में भी जारी रहेगी, जिससे ऊर्जा ग्रिड पर दबाव बढ़ेगा। क्रोएशिया सरकार लोगों को ऊर्जा संरक्षण के उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। बढ़ती गर्मी के कारण ऊर्जा की मांग में यह वृद्धि एक चिंता का विषय है।