क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविक ने बुधवार को ऑपरेशन स्टॉर्म की 31वीं वर्षगांठ पर स्मरणोत्सव में कहा कि डेटन समझौता क्रोएशियाई सेना के हस्तक्षेप के बाद हुआ था, जिसके लिए अमेरिकी सहयोगियों के साथ सहमति बनी थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्य महत्वपूर्ण है। मिलानोविक ने युद्ध के वर्षों के दौरान क्रोएशियाई लोगों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उनका यह बयान बाल्कन क्षेत्र में शांति स्थापित करने वाले डेटन समझौते की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह टिप्पणी क्षेत्रीय संबंधों और समझौते की व्याख्या पर चल रही बहस के बीच आई है। राष्ट्रपति मिलानोविक के इस बयान से राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की उम्मीद है, क्योंकि यह घटनाक्रम की पारंपरिक समझ को चुनौती देता है। इस अवसर पर, उन्होंने क्रोएशियाई सेना के योगदान को भी याद किया।