लाँग खान्ह क्षेत्र के एक अस्पताल में एक गर्भवती महिला को गर्भाशय फटने की गंभीर स्थिति से बचाया गया। महिला को गर्भावस्था के 36वें सप्ताह में गंभीर पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद यह पता चला कि उसका गर्भाशय फट गया था। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की, जिससे माँ और बच्चे दोनों की जान सुरक्षित रही। वर्तमान में, माँ और शिशु दोनों की हालत स्थिर है और अस्पताल में उनकी निगरानी और देखभाल की जा रही है। यह मामला गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्व को दर्शाता है। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम की तत्परता और कुशलता की सराहना की है।
