आधुनिक कारों के क्रैश टेस्ट में एक अजीब चलन देखा गया है - चमकीले नारंगी रंग के क्लासिक जूते। ये जूते पहले अमेरिकी सैनिकों की वर्दी का हिस्सा थे। वर्तमान में, हाई-टेक सिमुलेशन के युग में भी, किसी भी कार को सड़क पर आने से पहले इन जूतों के बिना परीक्षण नहीं किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जूतों का रंग दुर्घटना के दौरान पैरों की स्थिति को बेहतर ढंग से दर्शाता है, जिससे डेटा विश्लेषण में मदद मिलती है। यह एक पुरानी परंपरा है जो आज भी सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन जूतों की कीमत भी काफी अधिक होती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इनका उपयोग अनिवार्य माना जाता है। क्रैश टेस्ट में इनका इस्तेमाल कारों की सुरक्षा रेटिंग तय करने में सहायक होता है।