सोल में, अदालत ने पूर्व ग्योंगगी प्रांत के शांति उप-प्रांतीय गवर्नर ली वा-यंग द्वारा उठाए गए तथाकथित ‘सामन पार्टी’ के आरोपों को झूठा पाया है। इस फैसले से सत्तारूढ़ दल द्वारा प्रस्तावित विशेष अभियोजन और पार्क सांग-योंग के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हो सकती है। अदालत ने माना कि ली वा-यंग के आरोप निराधार हैं, जिससे राजनीतिक माहौल में बदलाव आ सकता है। सत्तारूढ़ दल ने पहले इस मामले में ‘फर्जी आरोप’ लगाने का दावा किया था। इस फैसले के बाद, विशेष अभियोजन की मांग कमजोर हो गई है, क्योंकि इसके लिए आरोपों की सत्यता आवश्यक थी। पार्क सांग-योंग के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अनिश्चित हो गई है। यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील था और अदालत के फैसले का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
