प्रोफेसर शकमा बरसलर, जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं, ने न्यायालय के फैसले पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की है। यह फैसला उनके और उनके समर्थकों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। बरसलर ने इस फैसले को लोकतंत्र और न्याय के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। न्यायालय के इस निर्णय से प्रदर्शनकारियों को आगे के विरोध प्रदर्शनों के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। फिलहाल, फैसले की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन बरसलर ने इसे अपनी कानूनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। इस फैसले के बाद, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है।