सुप्रीम कोर्ट ने दुल्हन को शादी में मिले गहनों और उपहारों के स्वामित्व अधिकारों को स्पष्ट किया है। अदालत ने कहा कि ये उपहार दुल्हन की व्यक्तिगत संपत्ति माने जाएंगे, भले ही वे ससुराल वालों द्वारा दिए गए हों। यह फैसला महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला उन मामलों पर लागू होगा जहां उपहार सीधे दुल्हन को दिए गए हैं। यदि उपहार दुल्हन और उसके पति दोनों को संयुक्त रूप से दिए गए हैं, तो स्वामित्व संयुक्त माना जाएगा। इस निर्णय से भविष्य में संपत्ति विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी और महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अदालत ने संपत्ति के स्वामित्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे भ्रम को दूर किया है।