कुआलालंपुर उच्च न्यायालय ने बर्सतु पार्टी की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उनके सीआईएमबी और एएमबैंक खातों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का अनुरोध किया गया था। न्यायालय ने माना कि बर्सतु यह साबित करने में विफल रहा है कि भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एमएसीसी) ने खातों पर प्रतिबंध लगाकर अपने अधिकार का दुरुपयोग किया है। यह निर्णय बर्सतु के लिए एक बड़ा झटका है, जो खातों तक पहुंच बहाल करने की उम्मीद कर रहा था। एमएसीसी ने पहले खातों पर धन शोधन की जांच के संबंध में प्रतिबंध लगाया था। न्यायालय ने एमएसीसी के कार्यों को वैध ठहराया है और बर्सतु की दलील को अस्वीकार कर दिया है कि प्रतिबंध राजनीतिक रूप से प्रेरित था। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की संभावना है।