तुर्की की एक अदालत ने प्रमुख आपदा राहत चैरिटी AHBAP की सभी संपत्ति को राज्य-संचालित कोष को हस्तांतरित कर दिया है और इसके विघटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राष्ट्रपति रेसेप तय्यप एर्दोगान ने संगठन की जांच में शामिल लोगों पर 2023 के भूकंपों का राजनीतिक और वित्तीय लाभ उठाने का आरोप लगाया है। BirGün दैनिक ने बताया कि एर्दोगान ने इन लोगों को 'अवसरवादी' बताया है। यह कदम AHBAP के खिलाफ आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसमें धन के दुरुपयोग के आरोप भी शामिल हैं। अदालत के इस फैसले से तुर्की में नागरिक समाज संगठनों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की गई है। AHBAP भूकंप पीड़ितों को राहत प्रदान करने वाली सबसे महत्वपूर्ण संगठनों में से एक थी।