डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी इतिहास के काले अध्यायों, जैसे गुलामी, नस्लवाद और भेदभाव से संबंधित सूचना पट्टों को हटाने का निर्णय लिया था। हालांकि, एक महिला न्यायाधीश ने इस कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इतिहास को 'करेक्शन पेन' या सुधारक कलम से मिटाया या बदला नहीं जा सकता। यह फैसला इतिहास की सत्यता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सरकार को हटाए गए उन बोर्डों को वापस उनकी जगह पर लगाना होगा। यह मामला अमेरिका में ऐतिहासिक विरासत और राजनीतिक विचारधारा के बीच टकराव को दर्शाता है। न्यायाधीश ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ को अस्वीकार्य बताया है।