दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व ग्योंगगी प्रांत के शांति उप-गवर्नर, ली ह्वा-यंग के मामले में अभियोजन की ‘विभाजित अभियोजन’ रणनीति पर रोक लगा दी है। अदालत ने उत्तर कोरिया को समर्थन से संबंधित आधिकारिक कदाचार के आरोपों पर ली ह्वा-यंग के खिलाफ मामले को खारिज कर दिया है। यह फैसला अभियोजन द्वारा मामले को अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करके मुकदमा चलाने के प्रयासों के बाद आया है। अदालत के इस फैसले से अभियोजन की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। ली ह्वा-यंग पर उत्तर कोरिया को वित्तीय सहायता प्रदान करने के आरोप लगे थे। इस मामले में आगे की कार्यवाही पर अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह फैसला अभियोजन के लिए एक झटका है और ली ह्वा-यंग के समर्थकों ने इसका स्वागत किया है।