देश में अंतर्राष्ट्रीय भंडार में गिरावट दर्ज की जा रही है। केन्द्रीय बैंक के मासिक सांख्यिकीय जानकारी के सारांश के अनुसार, जुलाई में भंडार 3.44 अरब डॉलर पर स्थिर रहा, जो तीन महीने से कम आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। रिपोर्ट में निवेश और विदेशी व्यापार पर दबाव का भी खुलासा हुआ है। यह गिरावट देश की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक है, क्योंकि यह आयात बिलों को पूरा करने की क्षमता को कम करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति के लिए वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ और घरेलू आर्थिक नीतियाँ दोनों जिम्मेदार हैं। सरकार स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठा रही है, लेकिन तत्काल परिणाम की उम्मीद कम है। इस गिरावट से देश की वित्तीय स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।