फ्लाईदुबई विमान पर हुए हमले के बाद भारतीय कप्तान स्मिथ मच्छार ने पहली बार कॉकपिट में हुए भयावह पलों के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान स्थिति कितनी गंभीर थी और उन्होंने यात्रियों की जान बचाने के लिए क्या कदम उठाए। कप्तान मच्छार ने इस घटना को अपनी जिंदगी का सबसे कठिन अनुभव बताया है। उन्होंने कहा कि वह उन सभी यात्रियों को मरने नहीं दे सकते थे और उन्होंने हर संभव कोशिश की कि विमान को सुरक्षित रूप से उतारा जा सके। यह विवरण हमले के समय विमान में मौजूद लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। इस घटना से विमानन सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। विस्तृत विवरण में, कप्तान ने हमले के तुरंत बाद अपनाए गए आपातकालीन प्रोटोकॉल और विमान को सुरक्षित लैंड करने की चुनौतियों का सामना करने के बारे में बताया।