यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा द्वारा क्रेमलिन के साथ संचार चैनल फिर से खोलने के प्रयास से यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ नेताओं का मानना है कि यह कदम आवश्यक है, जबकि अन्य को इस पहल पर चिंता है। कोस्टा का यह कदम रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच आया है। शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई, जिसमें सदस्य देशों के बीच राय बंटी हुई थी। कुछ देशों ने रूस के साथ किसी भी तरह के संवाद को सही ठहराया, जबकि अन्य ने इसे समय से पहले माना। इस पहल का उद्देश्य संघर्ष को कम करने और राजनयिक समाधान खोजने के लिए एक मंच प्रदान करना बताया जा रहा है। यह कदम यूरोप में विभाजन रेखा को उजागर करता है, जहां रूस के प्रति दृष्टिकोण अलग-अलग हैं।