कोस्टा रिका के टिलारान-लिबेरिया के बिशप मैनुअल यूजेनियो सालजार मोरा ने 30 जुलाई को कार्टागो में एंजिल्स के बेसिलिका में एक उपदेश के दौरान तानाशाही का विरोध किया। बिशप ने स्पष्ट रूप से तानाशाही शासन की निंदा करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया। उनका यह बयान देश में सत्तावादी प्रवृत्तियों के प्रति एक मजबूत विरोध दर्शाता है। यह भाषण धार्मिक समुदाय के भीतर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। बिशप ने नागरिकों से अन्याय के खिलाफ खड़े होने और मानवाधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया। इस घटना ने कोस्टा रिका के राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा शुरू कर दी है।

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