फ्रांसीसी निबंधकार और एचईसी के प्रोफेसर गिलौम वुइलेमी ने बड़ी कंपनियों और समाज के बीच बढ़ते अलगाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि इन दोनों के बीच एक बढ़ता हुआ असंतुलन है। वुइलेमी के अनुसार, बड़ी कंपनियां सामाजिक वास्तविकताओं से कटती जा रही हैं, जिससे नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह अलगाव आर्थिक असमानता और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर विचार करने और कंपनियों को अधिक सामाजिक रूप से जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। यह आलोचना कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी और कंपनियों की भूमिका पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देती है।