तिंकुने-जडिबुटी फ्लाईओवर परियोजना के निर्माण में समन्वय संबंधी बाधाओं और भूमि अधिग्रहण में हो रही देरी के कारण दो साल तक की देरी हो सकती है। परियोजना के लिए आवश्यक धन उपलब्ध है, लेकिन विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी होने से काम शुरू होने में विलंब हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन मुद्दों को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकी है। इस फ्लाईओवर के निर्माण से राजधानी में यातायात की समस्या कम होने की उम्मीद थी, लेकिन देरी से यह उम्मीद फिलहाल अधर में है। परियोजना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। देरी के कारण परियोजना की लागत बढ़ने की भी आशंका है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।