1980 के दशक में एक महिला सैनिक और एक किशोर की हत्या के दोषी अतीफ सबीही का 68 वर्ष की आयु में जेल में निधन हो गया। सबीही को 1982 में 21 वर्षीय डफ्ना कारमन की हत्या और बलात्कार तथा 1983 में 14 वर्षीय डैनी काट्ज़ की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने अपनी बेगुनाही का दावा किया और कहा कि उन्होंने दबाव में स्वीकारोक्ति दी थी। इजरायली जेल में उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई है। यह मामला इजराइल में एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का विषय रहा है। सबीही की मृत्यु के साथ ही इस मामले पर फिर से ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। यह घटना न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़े कई सवाल खड़े करती है।