सर्बियाई राष्ट्रीय परिषद, यहूदी समुदायों का समन्वय, ऊपरी कार्लोवाक ईपरची और एंटी-फासिस्ट योद्धाओं और एंटी-फासिस्टों के संघ ने बुधवार को जाडोवनो में एक स्मारक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम उस्ताशा शिविर के पीड़ितों की स्मृति में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान, उस्ताशा अभिवादन "ज़ा डोम स्प्रैमनी" के दोहरे अर्थों पर चिंता व्यक्त की गई, जिसे अस्वीकार्य बताया गया। वक्ताओं ने इस अभिवादन के संभावित फासीवादी अर्थों पर प्रकाश डाला और इसके उपयोग के खिलाफ चेतावनी दी। आयोजकों ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और फासीवाद के खिलाफ संघर्ष को याद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पीड़ितों की स्मृति को जीवित रखना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना है। इस घटना ने क्रोएशिया में ऐतिहासिक स्मृति और फासीवाद के प्रतीकों के उपयोग के बारे में बहस को फिर से जन्म दिया है।