प्रसिद्ध नॉर्वेजियन लेखक ओडे नेर्ड्रम ने हाल ही में समकालीन साहित्यिक रुझानों पर अपनी निराशा व्यक्त की है। उनका मानना है कि कई उपन्यास अनावश्यक रूप से लंबे हैं और उनमें संपादन की कमी है। उन्होंने ‘ट्रेंड बुक्स’ को छोड़कर एक प्राचीन रोमन ग्रंथ को पढ़ने की सलाह दी है, जिसे वे अपनी ‘बाइबल’ मानते हैं। नेर्ड्रम का कहना है कि यह ग्रंथ उन्हें प्रेरणा देता है और जीवन के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करता है। उन्होंने आधुनिक साहित्य में गहराई और मौलिकता की कमी पर खेद व्यक्त किया। यह बयान साहित्यिक जगत में बहस का विषय बन गया है, जहाँ कुछ लोग नेर्ड्रम के विचारों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ उनकी आलोचना कर रहे हैं। नेर्ड्रम अपने विवादास्पद बयानों और अपरंपरागत लेखन शैली के लिए जाने जाते हैं।
