मई महीने में उपभोक्ता खर्च में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि अप्रैल के मुकाबले 0.1% की मामूली वृद्धि देखी गई। Scentia के अनुसार, वर्ष के पहले पांच महीनों में कुल मिलाकर 3% की गिरावट आई है। मुद्रास्फीति की गति धीमी होने के कारण खपत में गिरावट की दर में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता का संकेत हो सकता है, लेकिन खर्च में पूरी तरह से सुधार होने में समय लग सकता है। यह गिरावट विभिन्न आर्थिक कारकों का परिणाम है, जिसमें बढ़ती ब्याज दरें और जीवन यापन की लागत में वृद्धि शामिल है। आगे के महीनों में उपभोक्ता खर्च के रुझान पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
