अमेरिकी सांसद सेठ मौल्टन ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान समझौते को ‘हार का सौदा’ बताया है। उनके अनुसार, यह समझौता अमेरिका के लिए एक ‘आत्मसमर्पण दस्तावेज’ जैसा है। मौल्टन का कहना है कि इस समझौते के ज़रिए अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा। उन्होंने इस डील को तीनों पक्षों – अमेरिका, ईरान और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय – के लिए नुकसानदायक बताया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान परमाणु समझौते को लेकर नई बातचीत की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। मौल्टन ने समझौते की शर्तों और परिणामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इस समझौते से अमेरिकी हितों को कोई लाभ नहीं हुआ।