लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो, जिसे पहले ज़ैरे के नाम से जाना जाता था, 1974 के बाद पहली बार विश्व कप में खेला। कांगो ने अपने पहले मैच में पुर्तगाल के साथ 1-1 की बराबरी की। पुर्तगाल के लिए नवेश ने गोल किया, लेकिन कांगो के विसा ने अतिरिक्त समय में गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। यह मुकाबला कांगो की विश्व कप में प्रभावशाली वापसी का संकेत है। 50 साल बाद विश्व कप में खेलने वाले कांगो ने बड़ी टीम पुर्तगाल को अंक बांटने पर मजबूर कर दिया। यह मैच फुटबॉल प्रेमियों के लिए रोमांचक रहा। इस ड्रॉ के साथ, कांगो विश्व कप में अपनी जगह बनाने की उम्मीदों को बरकरार रखे हुए है।
