कांगो में एक शिविर में कम से कम तीस लोगों की मौतें हुई हैं, जिससे इबोला वायरस के तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 2024 से 2025 के बीच शौचालय और हाथ धोने के स्टेशनों के लिए धन आवंटन आधे से भी कम हो गया, जो लगभग 38 मिलियन डॉलर तक गिर गया। इस वर्ष 80 मिलियन डॉलर की सहायता की अपील का केवल 21 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ है। धन की कमी से संक्रमण नियंत्रण उपायों को लागू करने में बाधा आ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और तत्काल अधिक संसाधनों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। यह कमी इबोला के प्रसार को रोकने के प्रयासों को कमजोर कर सकती है और मानवीय संकट को बढ़ा सकती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता का आह्वान किया जा रहा है।
