बदलती जीवनशैली के कारण बच्चों का बचपन अब घर तक सीमित होता जा रहा है। गर्मी, बारिश और मच्छरों की समस्या के कारण बच्चे बाहर खेलने से वंचित हो रहे हैं। सुरक्षित खेल के मैदानों की कमी भी एक बड़ी समस्या है। इसके अतिरिक्त, मोबाइल, टैबलेट, टेलीविजन और कंप्यूटर पर बच्चों की निर्भरता बढ़ गई है। पिछले दो दशकों में बच्चों के दैनिक जीवन में यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा गया है। इसके परिणामस्वरूप बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और विभिन्न स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं। यह स्थिति बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हानिकारक है।