प्रस्तावित परियोजना के अनुसार, बड़े और छोटे अपार्टमेंट समान अनुपात में सामान्य सेवाओं जैसे सुरक्षा, सफाई और लिफ्ट के लिए भुगतान करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अधिकांश संपत्ति मालिकों के खर्चों में वृद्धि हो सकती है। इस पहल पर सवाल उठने के बाद इसमें संशोधन करने की संभावना जताई जा रही है। वकीलों का कहना है कि यह बदलाव मौजूदा नियमों के अनुरूप नहीं है और इससे असमानता बढ़ सकती है। परियोजना का उद्देश्य सभी निवासियों के लिए एक समान खर्च सुनिश्चित करना था, लेकिन संशोधन के बाद इसका परिणाम विपरीत हो सकता है। इस मामले में आगे की कार्यवाही निवासियों और कानूनी विशेषज्ञों की राय पर निर्भर करेगी। संशोधित प्रस्ताव पर जल्द ही विचार किया जाएगा।