कॉन्काकाफ के सदस्यों ने फ़ीफ़ा के प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया है। यह निर्णय एक बयान के माध्यम से जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सभी सदस्य राष्ट्र एकमत थे। अस्वीकृति का कारण फ़ीफ़ा के प्रस्तावों में कॉन्काकाफ की स्वायत्तता और हितों को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया जाना बताया जा रहा है। इस कदम से फ़ीफ़ा की वैश्विक फुटबॉल संरचना में बदलाव की योजनाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। कॉन्काकाफ ने फ़ीफ़ा के साथ आगे की चर्चा के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को बनाए रखने पर जोर दिया है। यह अस्वीकृति फ़ीफ़ा के सुधार प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और अन्य परिसंघों की प्रतिक्रियाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे फ़ुटबॉल प्रशासन में सत्ता के संतुलन में बदलाव आ सकता है।