प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण के प्रमुख ने कांग्रेस में पेशी के दौरान उन पर इस्तीफे के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस आरोप के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और मामले की जांच की मांग उठ रही है। विपक्षी दलों ने सरकार पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार ने आरोपों को निराधार बताया है। यह मामला प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। आगे की जांच से इस मामले में सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। कांग्रेस में इस मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना है।