बाज़ार में मानवीय रोबोट साथियों की बिक्री तेज़ी से बढ़ रही है। ये रोबोट पुरुष और महिला, दोनों रूपों में उपलब्ध हैं और इनकी हरकतें व भाव-भंगिमाएँ इंसानों जैसी हैं। फिलहाल, ये रोबोट केवल युवा वयस्कों के लिए ही उपयुक्त बताए गए हैं। इनकी बैटरी हर चार घंटे में चार्ज करने की आवश्यकता होती है। ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार इन रोबोट्स को व्यक्तिगत बनाने का विकल्प भी मिलता है। यह तकनीक अकेलेपन को कम करने और भावनात्मक समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के रोबोट्स की मांग और भी बढ़ेगी।