फिल्म 'दो अभियोजक' एक युवा वकील के जीवन पर आधारित है जो कम्युनिस्ट शासन के तहत काम करता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उसे एक राजनीतिक कैदी द्वारा लिखा गया पत्र मिलता है। इस पत्र के माध्यम से वह एक ऐसी वास्तविकता से रूबरू होता है, जिससे वह अब तक अनजान था। यह फिल्म शासन की कठोरता और व्यक्तिगत नैतिकता के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। वकील का चरित्र पत्र मिलने के बाद गहरे आंतरिक द्वंद्व से गुजरता है। अंततः, यह फिल्म व्यवस्था के भीतर छिपे सच और न्याय की खोज की यात्रा है। यह एक गंभीर और विचारोत्तेजक सिनेमाई अनुभव प्रदान करती है।