हिब्रू भाषा अकादमी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अकादमी के अनुसार, एक ऐसा शब्द जिसका उपयोग हिब्रू बोलने वाले लोग आमतौर पर करते हैं, वास्तव में आधिकारिक तौर पर हिब्रू भाषा में मौजूद ही नहीं है। यह शब्द व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन भाषा के आधिकारिक मानकों के अनुसार इसे मान्यता नहीं दी गई है। अकादमी ने इस शब्द की उत्पत्ति और इसके उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी जारी की है। इस घोषणा से भाषाविदों और आम जनता के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का मानना है कि भाषा समय के साथ बदलती है और आम बोलचाल के शब्दों को स्वीकार किया जाना चाहिए, जबकि अन्य लोग आधिकारिक मानकों के पालन पर जोर देते हैं। अकादमी के इस फैसले का हिब्रू भाषा के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।