कोलोरेक्टल कैंसर की जांच के लिए वर्तमान दिशानिर्देश 45 वर्ष की आयु से शुरू करने की सलाह देते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च जोखिम वाले कुछ लोगों को इससे पहले जांच करवानी चाहिए। यह जोखिम आनुवंशिक कारकों, पारिवारिक इतिहास, या कुछ चिकित्सीय स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। शुरुआती जांच से कैंसर का पता लगाने और उपचार की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टर व्यक्तिगत जोखिम मूल्यांकन के आधार पर जांच की उचित उम्र निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं। नियमित जांच में कोलोनोस्कोपी, सिगमोइडोस्कोपी और मल परीक्षण शामिल हो सकते हैं। यदि आपको कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।