कोलम्बिया की ब्‍लैंका वरेला, जिनका जन्‍म 1926 में हुआ था, एक महत्‍वपूर्ण कवयित्री थीं। वे स्‍वतंत्र और शाश्‍वत आवाज के रूप में जानी जाती हैं। उन्‍होंने अपनी यादों को जीवंत और हृदयस्पर्शी कविता में परिवर्तित किया। ब्‍लैंका वरेला ने कविता के माध्‍यम से अपनी सं‍वेदनाओं को प्रकट किया। उनकी कविताएं पीढियों को प्रेरित करती रहेंगी। उनका कार्य कोलम्‍बियाई और लैटिन अमेरिकी साहित्य में एक महत्‍वपूर्ण योगदान है। उनकी कविताएं आज भी पाठकों को गहराई से जोड़ती हैं।