अबेलार्डो के चुनावी प्रचार ने दे ला एस्प्रीला को सेपेडा, पेट्रो और उरीबे जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर विजय दिलायी। यह प्रचार सूक्ष्मता से तैयार किया गया था, जिसमें प्रतीकों, भावनाओं, सोशल मीडिया, मनोरंजन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नकारात्मक प्रचार का मिश्रण था। इस अभियान की सफलता के पीछे दस प्रमुख रणनीतियाँ थीं, जिनका उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया। यह प्रचार तंत्र इतना प्रभावी था कि इसने राजनीतिक विरोधियों को पीछे छोड़ दिया। 'ला सिल्ला वाकिया' में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, अबेलार्डो की टीम ने मतदाताओं की मानसिकता को समझने और उसी के अनुसार संदेश तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया। इस अभियान ने चुनावी मार्केटिंग में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। नकारात्मक प्रचार का उपयोग भी एक विवादास्पद रणनीति के रूप में अपनाया गया था।