इजराइल 1967 से गोलान ऊँचाई पर कब्ज़ा जमाए हुए है, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका और कोलंबिया ही एकमात्र ऐसे देश हैं जिन्होंने इस रणनीतिक महत्व वाले पठार पर इजरायली संप्रभुता को मान्यता दी है। यह मान्यता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बनी हुई है। गोलान ऊँचाई का रणनीतिक महत्व इसकी भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा निहितार्थों के कारण है। कोलंबिया द्वारा इस संप्रभुता को स्वीकार करने से क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। इस कदम की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र दशकों से विवादित रहा है। यह क्षेत्र सीरिया के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो इसे अपना हिस्सा मानता है। इस मान्यता से इजराइल और सीरिया के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है।