कोलंबिया में अबेलार्डो डे ला एस्प्रीला की जीत से दक्षिण अमेरिका में दाईं ओर की सरकारों का प्रभाव बढ़ा है। इस परिणाम के साथ, ब्राजील का आगामी चुनाव इस क्षेत्र की राजनीतिक दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एस्प्रीला की जीत से अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे जैसे देशों में पहले से मौजूद दक्षिणपंथी सरकारों को बल मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव क्षेत्र में वामपंथी विचारधारा के प्रभाव को कम कर सकता है। ब्राजील का चुनाव अब दक्षिण अमेरिका में शक्ति संतुलन के लिए निर्णायक साबित होगा। इस चुनाव परिणाम से क्षेत्रीय नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। कोलंबिया में यह जीत दक्षिणपंथी नीतियों के जारी रहने का संकेत देती है।
