कोलंबिया में वर्तमान राजनीतिक माहौल को लेकर चिंता जताई जा रही है। लेख में अबेलार्डो डे ला एस्प्रीला और इवान सेपेडा के कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं। एस्प्रीला पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए "नोआ की नाव" जैसी तमाशापूर्ण गतिविधियों का उपयोग करने का आरोप है, जिससे संक्रमण प्रक्रिया की गंभीरता कम हो रही है। सेपेडा के "नागरिक अवज्ञा" के आह्वान को भी खतरनाक बताया गया है, क्योंकि कोलंबिया पहले से ही विभाजित देश है। लेख में एक गंभीर, तकनीकी और पारदर्शी संक्रमण प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया गया है, न कि प्रतिशोध या राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई का मंच। एक निर्वाचित सरकार के खिलाफ नागरिक अवज्ञा का आह्वान किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

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