कोलोन शहर पर आरोप लगा है कि उसने पश्चिमी बाल्कन देशों के प्रवासियों के प्रत्यर्पण में जानबूझकर बाधा डाली। सीडीयू (CDU) ने इसे एक गंभीर घोटाला बताया है। आरोप है कि शहर ने सक्रिय रूप से इन प्रवासियों के निर्वासन को रोका। यह मामला इसलिए सामने आया क्योंकि 500 प्रवासियों को पहले ही देश छोड़ने का आदेश दिया जा चुका है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या शहर ने वास्तव में इस प्रक्रिया को धीमा किया या रोका। इस घटना से जर्मनी में आव्रजन नीति और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह शहर प्रशासन के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।