मई महीने में कमोडिटी बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी रही। निवेशकों की निगाहें फेड की संभावित ब्याज दर वृद्धि पर टिकी थीं। हालांकि, इस माहौल में कोको की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि कोको उत्पादन में कमी की आशंका के कारण कीमतों में यह तेजी आई है। खराब मौसम और फसल रोगों के कारण कोको की पैदावार प्रभावित होने की संभावना है। इस स्थिति से कोको की आपूर्ति में कमी आ सकती है, जिससे कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कोको की कीमतों पर करीबी नजर रखना महत्वपूर्ण है।