बाई साउ क्षेत्र में भूमि स्वामित्व रखने वाले निवासियों का कहना है कि स्थानीय योजना में हालिया बदलावों से उनके भूमि उपयोग के अधिकार सीमित हो गए हैं। 1/2,000 के पैमाने पर ज़ोनिंग योजना के समायोजन के बाद, निवासियों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इमारतों की मंजिलों की संख्या में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों का आरोप है कि यह परिवर्तन व्यवसायों की तुलना में उनके निर्माण अधिकारों को कम कर देता है। वे इस असमानता के कारणों की जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह मामला संपत्ति मालिकों के अधिकारों और शहरी नियोजन नीतियों के बीच संतुलन के बारे में सवाल उठाता है। इस मुद्दे पर आगे की जांच और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।
