पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जो बाइडेन पर डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ज़िम्मेदार ठहराया है। क्लिंटन का कहना है कि यदि बाइडेन ने 2023 के अंत तक दोबारा चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा स्पष्ट कर दी होती, तो डेमोक्रेटिक पार्टी को एक मजबूत उम्मीदवार चुनने का अवसर मिलता। उनका मानना है कि एक वास्तविक प्राथमिक चुनाव से पार्टी को बेहतर विकल्प मिल सकता था। क्लिंटन ने बाइडेन के फैसले को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है, क्योंकि इससे पार्टी को एक मजबूत चुनौती पेश करने का मौका नहीं मिला। उनका यह बयान डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर चल रही बहस का हिस्सा है कि बाइडेन की उम्र और राजनीतिक स्थिति 2024 के चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को कैसे प्रभावित कर सकती है। क्लिंटन के इस बयान से अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस छिड़ सकती है।